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नगर परिषद अध्यक्ष की पत्नी की गाड़ी उठा रही कचरा,सोशल मीडिया पर पोस्ट कर  लगाए आरोप,

क्या आरोप पढ़िए ये खबर

हमीरपुर नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष ने अपनी धर्मपत्नी के नाम पर खरीदा वाहन शहर में कचरा उठाने के लिए नगर परिषद के एक ठेकेदार के माध्यम से अटैच किया है।

इस वाहन सेवा की एवज में उन्हें सालाना 2.28 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। वर्तमान में पिछले तीन माह से उन्हें प्रतिमाह 19 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान हो चुका है। लेकिन अब इस गाड़ी को लेकर शहर की राजनीति उफान पर है।

शहरवासियों ने इस गाड़ी को नगर परिषद के साथ अटैच करने पर सवाल उठाए है। नियमों के तहत कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर खुद या परिवार का कोई भी सदस्य लाभ वाले पद पर काम नहीं कर सकता। इस नियम का हवाला देते हुए शहरवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

नगर परिषद ने इसी साल शहर के सभी वार्डों में साफ-सफाई के कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। नगर परिषद ने उचित साफ- सफाई के लिए शर्त रखी थी कि एक ठेकेदार केवल दो ही वार्डों की सफाई का ठेका ले सकता है। इन नियमों के तहत शहर में चार से पांच लोगों ने शहर के 11 वार्डों में सफाई का ठेका लिया है।

नगर परिषद के अध्यक्ष अपनी धर्मपत्नी के नाम रजिस्टर्ड गाड़ी को ठेकेदार के माध्यम से शहर में
कचरा उठाने के लिए किराये पर लगा सकता है या नहीं, इस बारे में क्या नियम है यह अभी तक साफ नहीं हो पा रहा। लेकिन शहरवासियों ने अध्यक्ष को घेरना शुरू कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित शर्मा का कहना है कि कोई भी चुना हुआ व्यक्ति सरकार में लाभ वाले पद पर नहीं रह सकता। परिवार के किसी भी सदस्य की गाड़ी नगर परिषद में प्रत्यक्ष या ठेकेदार के द्वारा प्रत्यक्ष तौर पर नगर परिषद के साथ अटैच नहीं हो सकती। नगर परिषद के खजाने से पैसा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर निर्वाचित प्रतिनिधि के परिवार के खाते में जा रहा है जो कि कानूनी तौर पर गलत है। प्रतिनिधि खुद या अपनी पत्नी के नाम पंजीकृत वाहन को नगर परिषद में सीधे या ठेकेदार के माध्यम से अटैच नहीं कर सकते।
इस बारे नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा की नगर परिषद में कूड़ा उठाने के लिए मेरी धर्मपत्नी की गाड़ी अटैच नहीं है। यह गाड़ी मैंने सफाई ठेकेदार को दे रखी है। हमने भी तो परिवार का पालन-पोषण करना है। अगर कमाएंगे नहीं तो खाएंगे कहां से इसमें क्या गलत है।
ये पोस्ट सोसल मीडिया में नगर परिषद का चुनाव लड़ चुके अनूप पराशर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि नई रेहड़ियों की अनुमति दे रहे हैं। इसके अलावा सफाई में उनकी गाड़ियां लगी है, जिससे उनके प्रतिमाह हजारों रुपये की आमदन हो रही है, जोकि नियमों के तहत गलत है। इसलिए नगर परिषद अध्यक्ष को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
बही सफाई ठेकेदार ने कहा कि प्रतिमाह दे रहा हूं 19 हजार रुपये व शहर के वार्ड नंबर सात का सफाई ठेका ले रखा है। उन्होंने माना कि इस कार्य के लिए उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष की धर्मपत्नी की गाड़ी लगी है। सोनू ने कहा कि यह प्रतिमाह नप अध्यक्ष की धर्मपत्नी को 19 हजार रुपये गाड़ी के दे रहे हैं।

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