HIMACHAL PARDESH

कस्टम हायरिंग सेंटर ने बदली गांव की तस्वीर-भोरंज की महिलाओं ने बढाई अपनी आर्थिकी

गांव के लोगों को मिल रही सस्ती दरों पर कृषि यंत्रों की सुबिधा

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य गांवों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना है और गरीव लोगों को गरीबी से बाहर निकालना है महिलाओं को जो काम करने आते हैं उन कामों को करने के लिए सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाती है या उन्हें इन कामो को करने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है इसी कड़ी में भोरंज की महिलाओं ने अपने गांव की तस्वीर बदल दी है जिन्हीने कृषि यंत्र गांव में ही उपलव्ध करवा कर एक नई मिशाल पेश की है
जिला हमीरपुर के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत मुंड़खर के नेहली गांव में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उज्जवल महिला संगठन नेहली को कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने के लिये सरकार की तरफ से 4 लाख रुपये की सहायता दी गई जिससे इन महिलाओं ने पावर बीडर,सीड ड्रिलर, हैंड कल्टीवेटर,पैडी थ्रेशर,पैडी शेलर,मेज़ शेलर,व बुश कट्टर लिए हैं इन कृषि यंत्रों का प्रयोग खुद महिलाएं भी कर रही हैं और इन यंत्रों को गांव के अन्य लोगों को भी किराये पर देकर आमदनी भी कमा रहीं हैं जिससे गांव के छोटे किसानों की तकदीर बदल गई है अब गांव के किसानों को कृषि संबंधी यंत्र दूर से नहीं लाने पड़ रहे हैं अब इन्हें ये यंत्र गांव में ही उपलब्ध हो रहे हैं।छोटे खेतों में पावर बीडर बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहा है गांव की महिलाएं खुद भी पावर बीडर चलाकर खेतों को जोतकर सही समय पर उचित फसलो का उत्पादन कर रही हैं जिससे महिलाओं की आर्थिकी भी सुदृढ़ हो रही है।
इस संबंध में भोरंज बी डी ओ मनोज कुमार ने बताया कि उज्ज्वल महिला संगठन नेहली को सरकार की ओर से कस्टमर हायरिंग सेंटर के लिये चार लाख रुपये सहायता राशि प्रदान की गई है ये महिलाएं बहुत अच्छा काम कर रही हैं और अपनी आर्थिकी को भी सुदृढ़ कर रही हैं और गांव के किसानों को भी सस्ती दरों पर कृषि यंत्र गांव में ही उपलब्ध हो रहे हैं।

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