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श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्यार से सँजो कर हिमाचल को आगे बढ़ाया:धूमल

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए

  भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री परम् श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी एक महान नेता थे जिनका देश, हिमाचल प्रदेश, भाजपा और हम सब सदैव ऋणी रहेंगे। एक सुलझे राजनेता, प्रखर वक्ता,  बेहतरीन कवि और दृढ़ संकल्पित नेता के रूप में जाने जाने वाले भारत माँ के महान सपूत अटल बिहारी वाजपेयी 25 दिसंबर, 1924 को जन्मे थे। आज भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता उन्हें याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित करता है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए यह बात कही है। पोखरण में परमाणु बम परीक्षण कर उन्होंने दुनिया को भारत की शक्ति का एहसास कराया था। श्रद्धेय अटल जी ने बाल्य काल से ही पूर्ण रूप से समर्पित होकर  मां भारती एवं संगठन की सेवा करने का जो बीड़ा उठाया था उसे उन्होंने जीवन भर निभाया। उनकी दूरदर्शी सोच और उनकी नीतियों के ऊपर चलते हुए आज भारतीय जनता पार्टी का वटवृक्ष खड़ा हुआ है और भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है।
          पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए श्रद्धेय अटल जी ने अपने दिल में एक विशेष ध्यान रखा था। उन्होंने अपने प्यार से संजोकर हिमाचल प्रदेश को आगे बढ़ाया। वह हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते थे और हिमाचल के मनाली के निकट प्रीणी गांव में उन्होंने अपना घर बनाया था जहां वह हर साल छुट्टियां मनाने भी आते थे। बतौर प्रधानमंत्री अटल जी जब जब हिमाचल आए तब तब उन्होंने हिमाचल को जरूर कुछ दिया। विश्व पटल पर आज हिमाचल प्रदेश को सबसे बड़ी पहचान दिलाने वाली रोहतांग में बनी अटल टनल भी उनकी ही देन है। हिमाचल प्रदेश का बड़ा ट्राईबल हिस्सा जो सर्दियों में 6 महीने तक सारी दुनिया से कट जाता था अब 12 महीने वहां से आया जाया जा सकता है।
             पन विद्युत दोहन के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को प्रेरणा देकर आगे बढ़ाने का काम श्रद्धेय अटल जी ने किया था। हिमाचल प्रदेश में पार्वती जल विद्युत परियोजना, कोल डैम, चमेरा जल विद्युत परियोजना जैसे बहुत से बड़े-बड़े जल विद्युत परियोजनाओं के प्रोजेक्ट उनकी देन है जिनके बदौलत आज हिमाचल प्रदेश राजकोष भी इकट्ठा कर रहा है और मुफ्त में बिजली भी मिलती है।
           पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी श्रद्धेय अटल जी ने दी थी। उनका मानना था क्योंकि हिमाचल प्रदेश की जलवायु बहुत अच्छी है यहां के लोग बहुत सरल और अतिथि देवो भव को मानने वाले हैं तो जब देश प्रदेश के बच्चे यहां आकर शिक्षा ग्रहण करेंगे तो उन्हें पढ़ने के लिए उपयुक्त माहौल भी मिलेगा और राज्य की आमदन भी उस से बढ़ेगी। आज ना केवल  प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों के बच्चे भी हिमाचल में पढ़ने आते हैं। श्रद्धेय अटल जी ने हिमाचल प्रदेश को पहाड़ी राज्यों का विशेष श्रेणी का दर्जा प्रदान किया था और हिमाचल प्रदेश के लिए औद्योगिक पैकेज की घोषणा भी की थी जिसके परिणाम स्वरूप हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई प्रदेशवासियों को रोजगार मिले और हिमाचल विकास की राह पर आगे बढ़ा है। प्रदेश के लिए दिए गए उनके योगदान को कभी भी नहीं बुलाया जा सकता। हिमाचल प्रदेश को और हम सबको मिले उनके असीम प्यार और स्नेह को मैं बारंबार नमन करता हूं और आजीवन उनका ऋणी रहूंगा।
             श्रद्धेय अटल जी द्वारा लिखी गई कविता की पंक्तियों को दोहराते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कदम मिलाकर चलना होगा, बाधाएं आती हैं आएं घिरें प्रलय की घोर घटाएं, पांवों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं, निज हाथों से हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा।

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