HIMACHAL PARDESH

प्रदेश में विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को सात दिन तक क्वारंटाइन रहना होगा-कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का आना कोई अच्छा संकेत नहीं

विदेशों से घर लौट रहे लोगों के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाना अनिवार्य है।

भारत कोरोना की दो-दो लहरों से जूझ चुका है। इस महामारी के चलते बहुत से लोगों ने अपने अपनों को खोया है। इतना ही नहीं अभी भी लोगों के दिलों में इसका भय बना हुआ है। आए दिन कोरोना संक्रमण के नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इस सब के बीच कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का आना कोई अच्छा संकेत नहीं है। नए वेरिएंट ने आते ही अपना कहर दिखाना शुरु कर दिया है।

इस वजह से कई देशों में इस वेरिएंट के लिए अलर्ट तक जारी कर दिया गया है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में भी शासन व प्रशासन कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर सतर्क हो गया है। इसके लिए कोरोना संबंधित नई गाइडलाइन भी लागू की गई है।

प्रदेश में विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को सात दिन तक क्वारंटाइन रहना होगा।
विदेशों से घर लौट रहे लोगों के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट लाना अनिवार्य है।
प्रदेश में दाखिल होने वाले हर व्यक्ति को आरटीपीसीआर टेस्ट करवाना होगा।
मास्क पहनना, सोशल डीटेंसिंग का पालन करना, किसी से वेवजह संपर्क में नहीं आना, हाथों को समय समय पर सेनेटाइज करना इन सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
इस मामले के संबंध में जानकारी देते हुए कांगडा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में पाया गया नया वेरिएंट बहुत तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है। इतना ही नहीं इसके लक्षण भी सामान्य कोरोना की भांति हैं। उन्होंने बताया कि दोनों डोज लेने वालों को भी यह वेरिएंट प्रभावित कर रहा है ऐसे में अब और भी ज्यादा एहतियात बरतने की सख़्त जरूरत है।

उनका कहना है कि सैंपलिंग के लिए लोग स्वेच्छा से नहीं आ रहे हैं, जिस वजह से सैंपलिंग में कमी आई है। ऐसे में मामलों में जरूर कमी देखी जा रही है, मगर कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है। इसलिए लोगों को जागरूकता के साथ-साथ और ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि कांगड़ा में अभी तक वैक्सीनेशन की दूसरी डोज के तहत 92 फीसदी लोगों को कवर किया जा चुका है, जबकि अब विभाग की ओर सेद डोर टू डोर अभियान किया गया है, ताकि बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी इस मुहिम के तहत कवर किया जा सके। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है, इस लिए यह सब एहतियाती कदम उठाए है।

बता दें कि इससे पहले भी कोरोना महामारी के सबसे अधिक मामले कांगडा जिले से रिपोर्ट हुए हैं। इतना ही नहीं कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा मौतें भी जिले में दर्ज की गई हैं। इतना ही नहीं दलाई लामा का निवास स्थान होने के कारण भी सबसे अधिक टूरिस्ट विदेशों से यहां पहुंचते हैं। जबकि जिले के बहुत से लोग बाहर नगरों में भी रहते हैं। इन्हीं सभी बातों को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन की ओर से कांगड़ा में अलर्ट जारी किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

x

COVID-19

India
Confirmed: 37,122,164Deaths: 486,066