HIMACHAL PARDESH

NIT हमीरपुर दीक्षांत समारोह में यूजी/पीजी और पीएच.डी. स्तर पर कुल 1057 उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी के द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार संस्थान का 12वाँ दीक्षांत समारोह संस्थान के सभागार में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष दोनों माध्यम से आयोजित किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इस अवसर के मुख्य अतिथि, भारत सरकार के माननीय शिक्षा एवं कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान होंगे। इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माननीय अनुराग सिंह ठाकुर भारत सरकार के खेल मंत्री, युवा मामले एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री होंगे। मुख्य अतिथि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। संस्थान के निदेशक एवं अभिशाषक परिषद के सह-अध्यक्ष, प्रो ललित कुमार अवस्थी ने 10-12-2021 को दीक्षांत समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस कार्यक्रम में अभिशाषक परिषद के अन्य सदस्य एवं विद्वत परिषद के सदस्य भी उपस्थित रहकर, समारोह की शोभा बढ़ाएंगे। इस दीक्षांत समारोह में यूजी/पीजी और पीएच.डी. स्तर पर कुल 1057 उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इनमें पी.एच.डी., एम.टेक., दोहरी उपाधि, एम.आर्क., एम.एस.सी., एम.बी.ए. की उपाधि एवं डिप्लोमा सम्मिलित हैं। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के वर्ष 2021 में शिक्षा पूर्ण कर चुके छात्रों को कुल 31 पी.एच.डी., 375 पी.जी. और 649 यू.जी. उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी। इसके साथ ही, बहु-प्रवेश और बहु-निकास योजना के अंतर्गत 02 डिप्लोमा भी प्रदान किए जाएंगे। दीक्षांत समारोह का आयोजन संस्थान के सभागार में किया जायेगा, जिसमें पीएच.डी. उपाधि प्राप्तकर्ता एवं पदक विजेता स्वयं प्रत्यक्ष रूप से उपस्थिति रहेंगें एवं अन्य सभी छात्रों, उनके अभिभावकों, विशिष्ट पूर्व छात्रों, आमंत्रित अतिथियों तथा अन्य सभी तक लोगों के लिए कार्यक्रम का ऑनलाइन वेबकास्ट किया जायेगा ताकि वे परोक्ष रूप से इसमें सम्मिलित हो सके |
जहां तक नई शिक्षा नीति का संबंध है, संस्थान शैक्षणिक कार्यक्रमों और उनके पाठ्यक्रम को और अधिक उन्मुख करने की योजना बना रहा है, ताकि यू.जी. और पी.जी. छात्रों के पास अपनी पसंद के और अधिक विषयों के चयन करने का विकल्प हो । पाठ्यक्रमों को अधिक कौशलोमुख बनाने के लिए भी शैक्षणिक कार्यक्रमों को संशोधित किया जाएगा, ताकि रोजगार योग्यता के साथ-साथ उद्यमशीलता कौशल में सुधार किया जा सके।
संस्थान मेधावी छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करेगा। संस्थान विभिन्न यू.जी. और पी.जी. कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए मेधावी छात्रों को 01 निदेशक पदक, 36 स्वर्ण पदक, 10 रजत पदक और 11 कांस्य पदक प्रदान करेगा। हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की पहल “डिजिटल इंडिया के अंतर्गत,इस दीक्षांत समारोह की उपाधियाँ, डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी में भी छात्रों को उपलब्ध रहेंगीं।
संस्थान की स्थापना और प्रगति के संबंध में निदेशक, प्रोफेसर डॉ, ललित अवस्थी ने बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर, जिसे पहले क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज हमीरपुर के नाम से जाना जाता था, 17 पुराने क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है और वर्ष 1986 में भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित किया गया था। । 26 जून 2002 को मानक विश्वविद्यालय का दर्जा देकर इसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में अपग्रेड किया गया। वर्ष 2007 में संस्थान को संसद के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम के द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया।
वर्तमान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर द्वारा 13 विभाग तथा 01 केंद्र का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जहाँ 10 यू.जी. पाठ्यक्रम 2 दोहरी उपाधि पाठ्यक्रम, 18 एम. टेक, 1 मास्टर ऑफ आर्किटेक्चर पाठ्यक्रम, 3 मास्टर ऑफ साइंस पाठ्यक्रम और 1 एम.बी.ए. पाठ्यक्रम के साथ-साथ सभी विभागों में पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में उपाधि प्रदान की जाती है। क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों में से एक होने के नाते, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर इंजीनियरिंग, वास्तुकला और प्रबंधन कार्यक्रमों के लिए पूरे देश में छात्रों के लिए एक पसंदीदा स्थान रहा है। एन.आई.आर. एफ. रैंकिंग फ्रेमवर्क की स्थापना के बाद से संस्थान इस रैंकिंग में देश के शीर्ष सौ तकनीकी संस्थानों में बना हुआ है। इस साल यह थोड़ा फिसलकर 99वें स्थान पर आ गया है, लेकिन मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि सभी हितधारक अपनी पिछली रैंकिंग को पुनः प्राप्त करने और अगले कुछ वर्षों में इसे देश के शीर्ष 20 संस्थानों में शामिल करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
वर्तमान में संस्थान में विभिन्न विभागों के विभिन्न यूजी और पीजी कार्यक्रमों में लगभग 4000 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनके लिये संस्थान में पिछले तीन वर्षों में नियुक्त 75 नये शिक्षकों सहित कुल 162 शिक्षक उपलब्ध हैं।
हमारे माननीय प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण के अंतर्गत, संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.)-2020 के प्रावधानों को लागू करने के लिए आवश्यक पहल की है। इस नीति के अनुरूप, संस्थान ने पहले ही “अगले 15 वर्षों के लिए रणनीतिक योजना / रोड मैप ” तैयार कर लिया है। भारत सरकार का लक्ष्य 2035 तक उच्च अध्ययन में सकल नामांकन में लगभग 3.5 करोड़ अतिरिक्त छात्रों को जोड़ना है। संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहन, पर्यावरण रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के सभी प्रमुख क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र शुरू करने की संभावना तलाशने की भी कल्पना की है।
अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के छात्रों और शिक्षकों ने वर्ष 2021 के दौरान अनुक्रमित पत्रिकाओं, सम्मेलनों में लगभग 240 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और संस्थान द्वारा 11 बौद्धिक संपदा अधिकार (आई.पी.आर.) / कॉपीराइट/पेटेंट भी दाखिल किए गए हैं। स्टार्ट-अप और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए, संस्थान द्वारा छात्रों, शिक्षकों और जनता को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर से स्टार्ट-अप के लिए बढ़ावा देने और सहायता के लिए आई.आर. जी. का 1% भाग निर्धारित कर दिया गया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के छह शिक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में सूचीबद्ध किया है। सी.एस.आई.आर.. एस.ई.आर.बी., गया एम.ई.आई.टी.वाई., डी.एस.टी. डी.बी.टी., एम. एन. आर.ई., डी.आर.डी.ओ., हिमकोस्टे आदि एजेंसियों के द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के शिक्षकों को लगभग 32 प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाएं प्रदान की गई हैं। इस परिदृश्य में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के शिक्षकों ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में रु.1,73,24,728/- की परियोजनाओं का निष्पादन किया है एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में रु. 1,35,80,567/- की परियोजनाओं का निष्पादन किया जा रहा है। संस्थान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के साथ अनुसंधान और सहयोग गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है।
संस्थान ने IIT, NIT, NITTTR चंडीगढ़, सरकारी संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और निजी शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न संगठनों और संस्थानों के साथ 24 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। स्टार्ट-अप और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हमारे संस्थान ने उद्योग विभाग, शिमला के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान के सेंट्रल ब्लॉक में स्टार्ट-अप के लिए कुल प्रथक रूप से 7 कार्यालय, एक सॉफ्टवेयर लैब, एक हार्डवेयर लैव और स्टार्ट-अप के प्रशासनिक कार्य के लिए एक कार्यालय स्थापित किया गया है। संस्थान के द्वारा अभी तक 14 स्टार्टअप प्रारंभ किये गये हैं जिसमें से 6 पूर्ण कर लिए गये है एवं उनमें से 02 का व्यवसायीकरण भी हो गया है।
प्रो. अवस्थी ने बताया कि पहली बार पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के लिए विशेष प्रावधान किया गया है जिससे छात्रों को रोजगार सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही प्री-प्लेसमेंट ऑफर (पी.पी.ओ.) प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
इस संस्थान के छात्रों ने विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में 1.00 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज हासिल किया। संस्थान प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल ने वर्ष 2020-21 में लगभग 100 संगठनों की मेजबानी की और महामारी की चुनौतियों के बावजूद संस्थान का समग्र प्लेसमेंट इंडेक्स लगभग 66% था। जुलाई 2021 से शुरू होने वाले वर्तमान प्लेसमेंट सत्र के लिए संस्थान प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सेल ने पहले 5 महीनों में ही लगभग 80 कंपनियों की मेजबानी की है और लगभग 60% छात्रों को रोजगार दिया जा चुका है।
वर्तमान वर्ष में रोजगार अभियान चलाने वाली कंपनियों में MathWorks, Texas Instruments, Amazon, Paytm, Standard Chartered, Natwest, Oracle, Infoedge, Deloitte, Pristyne Care, Bosch, Samsung, Accenture, AMDOCS, Larson and Toubro, Capgemini Pvt. Ltd., Wipro, TCS, Infosys, Public Sapient, EXL, Reliance Industries, Mediatek, Axtria etc. कंपनियाँ प्रमुख हैं वर्तमान वर्ष के कुछ छात्रों ने उल्लेखनीय वेतनमान प्राप्त करके, रोजगार के नए मानक स्थापित किए हैं। सी.एस.ई. डुअल डिग्री के “निशांत हाडा” को 1.51 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का रोजगार प्राप्त हुआ है जबकि सी.एस.ई. के बी.टेक. पाठ्यक्रम के ” प्रतीक भरत शर्मा और “मिस सभ्या सूद” को क्रमशः 1.12 करोड़ रुपये और 1.06 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का प्राप्त हुआ है। इस सूची में कल दो नए नाम भी सम्मिलित हो गये है। 2022 बैच के बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्रों, “विशाल श्रीवास्तव और ‘ निशित अत्रे हैं” को रू.1.12 करोड़ प्रतिपर्ष का पैकेज मिला है। इसके अतिरिक्त औसत वेतनमान पैकेज अब लगभग 10 लाख प्रति वर्ष है जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40% अधिक है।
कोरोना महामारी के बावजूद, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने अपनी सभी शैक्षणिक गतिविधियों जैसे शिक्षण, मूल्यांकन आदि को ऑनलाइन उपायों को अपनाते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादित कर अपनी सक्षमता का परिचय दिया। प्रतिष्ठित पत्रिकाओं और सम्मेलनों में संस्थान के शिक्षकों द्वारा COVID से संबंधित अध्ययनों पर लगभग 10 लेख प्रकाशित किए गए थे। इसके अलावा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के शिक्षकों ने ऑनलाइन मोड में एक सप्ताह की अवधि के लगभग 27 एफ.डी.पी., कार्यशालाएं, एस.टी.सी. इत्यादि आयोजित किए, जिनमें से 04 कार्यक्रम अटल योजना के तहत आयोजित किए गए।
मार्च-2021 माह में, पी.एच.डी. चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली के साथ संयुक्त रूप से “Innovation, Intellectual Property Rights with Special Focus on Entrepreneurship” पर एक वेबिनार आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 333 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सितंबर 2021 में, संस्थान द्वारा Entrepreneurship, Innovation, Startups and IPR” पर एक ई-कार्यशाला का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।
इसके अतिरिक्त, हमीरपुर जिला प्रशासन के अनुरोध पर, ऑक्सीजन सिलेंडरों के त्वरित संचालन और COVID देखभाल अस्पतालों और केंद्रों में स्थानांतरित करने के लिए संस्थान के द्वारा एक समाधान भी प्रदान किया गया। अस्पतालों और COVID केंद्रों के भीतर दो ऑक्सीजन सिलेंडरों के परिवहन के लिए एक नई मोटराइज्ड ट्रॉली विकसित करके जिला प्रशासन को सौंप दी गई, ताकि उन्हें उपयोग में लाया जा सके। इसके अलावा, संस्थान ने 200 से अधिक रोगियों के लिए परिसर के भीतर COVID देखभाल केंद्र की सुविधा प्रदान करके स्थानीय प्रशासन को सहयोग देने का कार्य किया है।
जहां तक नए बुनियादी ढांचे का संबंध है, 33.0 करोड़ की लागत से छात्र गतिविधि केंद्र (एस.ए.सी.) का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसका उद्घाटन हमारे विशिष्ट अतिथि एवं खेल, युवा मामले और सूचना और प्रसारण के मंत्री माननीय श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी द्वारा जून, 2021 में किया गया। इस केंद्र में अन्य आवासी मनोरंजन सुविधाओं के साथ पेशेवर स्तर के बैंडमिंटन, टेबल टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट भी हैं। रु. 53.00 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले ई-कक्षा भवन एवं नये कंप्यूटर केंद्र, संस्थान उपयोग के लिए उपलब्ध है और जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाना है।
मुख्य पाठ्यक्रम के अतिरिक्त संस्थान के छात्र सह-पाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों में भी अपना योगदान देते हैं। COVID-19 महामारी के कारण इन गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हुई थी, परन्तु संस्थान के क्रीड़ा अनुभाग ने “आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत “फिट इंडिया फ्रीडम रन एंड वॉक” का आयोजन शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों व छात्रों के सहयोग से किया। इसके अतिरिक्त “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस”; “क्रिकेट टूर्नामेंट” एवं “वेद ऊर्जा स्टूडियो” हमीरपुर के सहयोग से “निःशुल्क योग शिविर का आयोजन भी किया गया। संस्थान द्वारा 09 अप्रैल 2021 से 11 अप्रैल 2021 तक ऑनलाइन माध्यम में वार्षिक तकनीकी उत्सव “निम्बस-2021” का भी आयोजित किया गया ।
संस्थान द्वारा “उन्नत भारत अभियान”, “कौशल भारत कार्यक्रम”, “स्वच्छ भारत अभियान” इत्यादि जैसे भारत सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को भी पूरा कर रहा है। संस्थान, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के एक प्रमुख कार्यक्रम, “उन्नत भारत अभियान 2.0” के क्षेत्रीय समन्वय संस्थान (आर.सी.आई.) के रूप में कार्यरत है जिसके अंतर्गत पूरे राज्य में कुल 27 पी.आई. पंजीकृत किये गये हैं। इन पी.आई. द्वारा स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके सतत विकास, आजीविका के साधन आदि को बढ़ावा देने के लिए 100 से अधिक गांवों को गोद लिया गया है। COVID- 19 महामारी के दौरान, “उन्नत भारत अभियान 2.0” के तहत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने IGMC शिमला के विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से “ग्रामीण क्षेत्रों के लिए COVID एहतियात और प्रबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया। स्वच्छ भारत अभियान” के तहत, संस्थान नियमित रूप से स्वच्छता जागरूकता अभियान और “स्वच्छता पखवाड़ा” जैसे स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
संस्थान द्वारा “साक्षरता अभियान” भी चलाया रहा है, जिसका प्रबंधन संस्थान के छात्रों द्वारा किया जाता है | इस कार्यक्रम में संस्थान में कार्यरत मजदूरों एवं उसके आसपास की झोपड़ियों में रहने वाले वंचित बच्चों को पढ़ाने एवं मार्गदर्शन करने का कार्य किया जाता है ताकि वे समाज में अपना उचित स्थान प्राप्त कर सकें। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के “एक भारत श्रेष्ठ भारत” क्लब (ई.बी.एस.बी. क्लब) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कालीकट के “एक भारत श्रेष्ठ भारत क्लब (ई.बी.एस.बी. क्लब) के सहयोग से फरवरी 2021 में “एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के हिस्से के रूप में एक वेबिनार का आयोजन भी किया गया।
पूर्व छात्रों के साथ संवाद बनाये रखने हेतु, संस्थान द्वारा एक “पूर्व छात्र वेबसाइट” एवं “पूर्व छात्र पोर्टल” प्रारंम्भ किया है, जिस पर पूर्व छात्र स्वयं को पंजीकृत करके अपने नवीनतम समाचार/उपलब्धियों को साझा कर सकते हैं। संस्थान ने पूर्व छात्रों से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए शिक्षकों एवं छात्रों से मिलकर एक “पूर्व छात्र सहायता प्रकोष्ठ की स्थापना की है। यह प्रकोष्ठ संस्थान के छात्रों को जागरूक बनाने एवं उन्हें प्रेरित करने के लिए सप्ताहांत में “पूर्व छात्र अतिथि व्याख्यान श्रृंखला-2021” का आयोजन कर रहा है, जिसके अंतर्गत अभी तक नौ व्याख्यान आयोजित किए जा चुके हैं। संस्थान पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और उन्हें मान्यता देने के लिए वार्षिक “प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार” प्रारंम्भ करने की भी योजना बना रहा है।
संस्थान के पूर्व छात्रों ने अनेक उपलब्धियों एवं पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है। यू.पी.एस.सी. की सिविल सेवा परीक्षा में संस्थान की गौरवशाली परम्परा को जारी रखते हुए इस साल भी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर के 04 छात्रों ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिसमें सुश्री शैलजा पांडेय ने 61वां एवं ईशांत जसवाल ने 80वां स्थान प्राप्त किया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 1992 बैच के श्री बलराम मेहता ने “रीन्यू पावर लिमिटेड” के मुख्य परिचालन अधिकारी (सी.ओ.ओ.) के रूप में इस कंपनी को नैस्डैक में सूचीबद्ध होने की घंटी बजाकर, संस्थान को गौरवान्वित किया। हमारे पूर्व छात्र “Dabur India Limited, E-Pack Polymers Pvt Ltd, Beat Blip Inc., Bloomberg, Welspun Energy Limited, Holisol Logistics, Clair Viz Systems, Ashtech Buildpro India Pvt. Limited सहित अनेक संगठनों के सी.ई.ओ., अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक आदि के रूप में भी काम कर रहे हैं।
आगामी योजनाओं के सन्दर्भ में, प्रो. अवस्थी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर ने डिजाइन के एक नए विभाग के अंतर्गत मास्टर ऑफ डिजाइन (एम. डेस.) के पाठ्यक्रम कार्यक्रम को प्रारंभ करने की योजना बनाई है जिसके बाद बैचलर ऑफ डिजाइन (बी.डेस.) भी प्रारंभ किया जाएगा। रसायन विज्ञान विभाग द्वारा भी “औषधि रसायन विज्ञान और प्रौद्योगिकी” में एक स्नातकीय कार्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए पहले से ही प्रस्ताव प्राप्त हुआ है एवं अन्य विभाग भी शीघ्र ही मांग आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की प्रक्रिया में हैं। जहां तक नए बुनियादी ढांचे का संबंध है, रुपये 26.0 करोड़ की अनुमानित राशि से, दो बहुमंजिला छात्रावास, एक लड़कियों तथा एक लड़कों के लिए, एच.ई.एफ.ए. के माध्यम से बनाया जाएगा।

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