HIMACHAL PARDESH

शिक्षकों के वेतन में दोगुना इजाफा

प्रदेश के पांच सात प्रतिशत लोग, जिनको कर्मचारी और पेंशनर कहते हैं, सरकार पर दबाव बनाकर मुंह मांगा वेतन ले रहे हैं और यह आम आदमी की जेब से जा रहा हैं। प्रदेश की नब्बे बानवे प्रतिशत आबादी इन लोगों की वजह से महंगाई से पिस रही है। जानते हो ऐसा क्यों हो रहा है। ये लोग संगठित हैं। किसान, मजदूर, बेरोजगार, कारखानों, व्यवसायिक संस्थानों व निजी उद्यमी, दिहाड़ीदार, मल्टी टास्क वर्कर, पार्ट टाइमर के रूप में काम करने वाले लोग, मनरेगा मजदूर सबकी संख्या इनसे कई गुना है लेकिन शोषित हो रहे हैं। इसकी वजह इन लोगों का संगठित न होना और इनमें जागरूकता का अभाव है। इसी वजह से सरकार इनको छोटा सा टुकड़ा डालकर ऐसे एहसान जताती है जैसे उसने उन्हें आसमान से चांद तारे तोड़कर ला दिए हैं। और ये लोग इनकी जय जय कार करते हैं फलाणा राम तुम आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं। जब तक आप लोग जागोगे नहीं, अपने हक के लिए जब तक आप लोग एकजुट नहीं होगे और हम तुम्हारे साथ हैं के नारे लगाने वाले जब तक यह नहीं कहेंगे कि हम आपके सामने हैं तब तक आप लोगों का कुछ नहीं हो सकता। इसलिए जागो, सवाल पूछो और सामने आओ। वर्ना यूं ही पिसते रहो कोल्हू में आपका तेल निकाल कर ये लोग खुद के लिए मालिश का इंतजाम करते रहेंगे।

मुझे मालूम है कि आप लोग तो जागेंगे नहीं लेकिन वेतन पेंशन के लिए लड़ने वाले कैसे हमला बोलते हैं, खुद देख लो

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